ज़िन्दागी मेरी TEACHER : असफलता और कोशिश



हेलो दोस्तो ! मैं आपका दोस्त निष्कर्ष सिद्धार्थ! कैसे है आप सभी , बेशक अच्छे ही होंगे । दोस्तो हमने अपने पिछले कुछ posts में बेहद ज़रूरी बाते समझी जो हमे ज़िन्दगी में समझना बहोत ज़रूरी है और मैं आशा करता हु आपको मेरे posts पसंद आये होंगे, और आज के इस post में मैं एक ऐसी चीज़ आपको बताना चाहूंगा जो ज़िन्दगी हमे कभी न कभी तौफे में ज़रूर देती है और वो है “असफलता”। ज़िन्दगी मे असफलता कोई इंसान पसंद नही करता सबको इस असफलता से नफरत होती है लेकिन यह हमारे किस्मत के हिस्से में आ ही जाती है पर यकीन मानिये दोस्तो जो सबक आपको असफलता सीखा सकती है, शायद ही दुनिया की कोई किताब आपको वो सबक सिखायेगि। असफलता किसी भी प्रकार की हो सकती है किसीको को अपने काम में असफलता मिल सकती है, किसीको अपने रिश्तों में असफलता मिल सकती है, कोई वजन कम करने में असफल हो सकता है, तो कोई वजन बड़ाने में, लेकिन सबसे बड़ा धक्का इंसान को तब लगता है जब वो अपने सपनो को हासिल करने में असफल हो, यह पैरो के नीचे से ज़मीन निकलने वाली भावना जैसे होती है, और तब इंसान को समझ नही आता की वो आगे अब क्या करे, उसे लगता है उसके सारे रास्ते अब बंद हो चुके है और उसका जीवन अंधकार में है, लेकिन यकीन मानिये दोस्तो असफलता ही एक ऐसी चाबी है जो आपको अनेक रास्ते ढूंढने का हुनर प्रदान करती है, क्योंकि उसीके बाद हम सही कोशिश शुरू करते है आगे बढ़ने की। असफलता एक ऐसी नदी होती है जो आपको दो रास्ते देती है, या तो आपको कोशिश कर इसे तैरकर पार करना है, या फिर डूब जाना है, लेकिन इस दुनिया में ऐसे बहोत कम लोग है जो असफलता को स्वीकार करते है, और कोशिश कर नदी पार कर लेते है मतलब सफलता हासिल कर लेते है, और ऐसे इंसान ही मिसाल बन सकते है, और ज़िन्दगी में ये कुछ  भी हासिल कर सकते है। तो आइये जानते है जीवन में असफलता और कोशिश का क्या महत्व है जो हमे हमारी teacher ज़िन्दगी सीखना चाहती है।

       असफलता क्या है ? आप कहेंगे ‘हार’ ! तो मैं कहूंगा नही असफलता हार नही है ये तो ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सबक होता है जो शायद ज़िन्दगी हमे बार बार दे सकती है जब तक आप इससे कुछ सिख ना जाओ लेकिन यकीन मानिये दोस्तो असफलता जो सबक आपको दे सकती है वो दुनिया की कोई किताब नही दे सकती। असफलता ही सफलता की पहली सीड़ी होती है, यह पहला कदम होता है जो सफलता की ओर आपको ले जाता है, जिस तरह कोई शेर अपने शिकार को पकड़ने के लिए एक कदम पीछे लेकर छलांग लगता है उसी तरह असफलता भी हमारा पहला कदम होता है कोई फर्क नही पड़ता की वो पीछे की ओर है क्योंकी उसकी मंज़िल तो अंत में सफलता ही होती है बस ज़रूरत होती है की हम कोशिश कभी न छोडे। असफलता हमे एक ताक़त प्रदान करती है और वह है ‘साहस’ क्योंकि हम असफलता से अपनी गलतिया सिख लेते है जो की हमने अपने past में की होती है और उसी को समझकर हम future में गलतिया नही दोहराते जिस वजह से हम अपने आप सफलता की ओर बढ़ने लगते है और हमे कोई डर नही होता। बस आपको ज़रूरत है अपनी असफलता स्वीकारने की और आगे बढ़ने की। अपनी असफलता पर रोने वाले कभी कुछ नही कर सकते वो शायद ज़िन्दगी भर रोते ही रहेंगे और अपनी असफलताओ का दोष किसी ओर को देते रहेंगे, इसलिए कोशिश करनी चाइये अपने आप में बदलाव लाने की नाकि किसीको अपनी असफलताओ का ज़िम्मेदार ठेहराने की। असफलताओ के बाद गलतियों का पता लगता है बस उसे खत्म करे और आगे बड़े, क्योंकि शायद आप एक बार मैदान में हार भी जाओ तो वापस लड़कर जीत भी सकते हो लेकिन अगर आप अपने आंतरिक मन से ही हार जाओ तो कुछ नही हो सकता इसलिए प्रयास करना बहोत ज़रूरी है।

       आपकी असफलता पर बेशक दुनिया हँसती होगी लेकिन आपको उन्हें अपनी असफलताओ की कोई सफाई नही देनी है, आपको बस सफलता की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहना है, यकीन मानिये दोस्तो वक़्त उन्हें एक दिन आपकी सफलता का सबूत ज़रूर देगा। आपका हिम्मत ही आपका साथी है आपको बस कोशिश करते रहना है क्योंकि आपकी कोशिश ही आपको सफलता का रास्ता देगी भले ही इस रास्ते में कितनी ही असफलताएं क्यों न आये। रास्ते कितने भी कठीन हो बस बिना रुके चलिये क्या फर्क पड़ता है अगर गिर भी गए तो बस मंज़िल पाने की चाहत होनी चाइये। किसी महापुरुष ने कहा है “मेहनत कीजिये खामोशी से वक़्त आएगा जब आपकी सफलता शोर मचाएगी।”अगर आप कभी असफल हो भी गए और लगा की अब कुछ नही हो सकता तो एक चीज़ है जो हमेशा आपके काम आएगी और वो है आपकी सफल बनने की ‘उम्मीद’ जिसे अपको कभी खत्म नही होने देना है और यही आपको ताक़त देगी कोशिश करने की आपको सफल बनाने की और आप ही बताइये इससे अच्छा क्या तरीका हो सकता है ज़िन्दगी जीने का क्योंकि असफलता का डर ही नही होगा अगर हमारे पास होगि उम्मीद। स्वामी विवेकानंदजी से एक बार किसी वयक्ति ने सवाल पूछा की अगर कोई व्यक्ति अपना सब कुछ खो दे तो उसके जीवन में उससे बडी बर्बादी क्या होगी तब स्वामीजी ने जवाब दिया- “अगर वही वयक्ति उम्मीद खो दे उन चीज़ों को दोबारा हासिल करने की।”कहने का मतलब ये है की हमे कभी भी असफलता से निराश होकर बैठना नही चाइये बल्कि उससे सकब लेकर निरंतर प्रयास करना चाइये। उदहारण: एल्बर्ट आइंस्टाइन विश्व के एक महान वैज्ञानिक माने जाते है लेकिन क्या आपको पता है वो कितनी ही असफलताओ से झुझकर इतने महान बने है क्योंकि उन्होंने सिर्फ दो चीज़े नही छोड़ी और वह है उम्मीद और कोशिश ।
          धन्यवाद!
   अगर आपको मेरी पोस्ट पसंद आयी हो तो please  share करे और comment करे और ऐसे ही जानकारी के लिए suscribe करिये और मेरी पहले की पोस्ट भी पढ़िये ये आपके जीवन में एक नई उम्मीद जगाएगी। मैं आपका दोस्त निष्कर्ष सिद्धार्थ!

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