Inspirational Shayari

डर में अगर पंख ना फैलता परिंदा तो कभी ना होता उसका आसमान,
ज़िन्दागी की दौड़ में अगर खुदको साबित ना कर पाए तो कहा बनेगी पहचान,
बस रखना है आपको खुदमे कही हिम्मत,सोच,मेहनत और ईमान,
वक़्त तो सबका है-बदलेगा आपका भी ज़रूर,लेकिन बदलते वक़्त के साथ जो खुद न बदले वही है ‘एक सफल इंसान!’

————–

ना जाने क्यों शिकायत थी उन्हें उनकी ज़िन्दगी से,
चलते हुए गिरना तो ज़िन्दगी का सबक होता है।
शिकायत तो उनको होनी चाइये हार से अपनी,
जो ज़िन्दगी में मुसीबत आने पर रोता है।
अरे जीना है तो मुसीबतों से लड़कर जियो दोस्तो,
क्योंकि जो लड़े वही ज़िंदा है वरना मुर्दा तो सिर्फ सोता है।

 

————–

 

उठकर लड़ना पड़ता है, बैठने से ज़िन्दगी में क्या फर्क पड़ता है,
अगर हौसलो में ताक़त, तो मुश्किलों से क्या फर्क पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *