planning and time management

ज़िन्दागी मेरी TEACHER: टाइम मैनेजमेंट और प्लानिंग

       हेलो दोस्तो ! मैं आपका दोस्त निष्कर्ष सिद्धार्थ! कैसे है आप सभी , मैं आशा करता हु अच्छे ही होंगे। हमने अपने पिछले पोस्ट्स में काफी अच्छे सिद्धांत समझे जो हमे हमारी टीचर ज़िन्दगी सीखना चाहती है, और कृपया कर आप उसपर भी एक नज़र डालिए। आज हम बात करने वाले है बहोत ही इम्पोर्टेन्ट टॉपिक पर जिसे हम कहते है “टाइम मैनेजमेंट” और इसिसे से जुड़ी होती है “प्लानिंग” जो हमे सफलता हासिल करने में मुख्य भूमिका निभाती है। दोस्तो टाइम मैनेजमेंट को समझने के पहले आपको समय की ताक़त को समझना होगा। शास्त्रो में लिखा है और आप सभी जानते भी होंगे की इस धरती पर सबसे बलवान अगर कोई चीज़ है तो वह है समय, क्योंकि यह निस्वार्थ है और इसका न्याय किसीमें फर्क नही करता। ये न गरीबो को जानता है और ना ही अमीरों को, ये ना किसीका औदा समझता है  और ना ही किसीका पैसा। ये सिर्फ अपने आप को जानता है, और अपना धर्म समझता है और इसका धर्म है निरन्तर चलते रहना, और सबसे महत्वपूर्ण बात ये कभी किसी के लिए नही रुकता। ये एक एकलौता ऐसा नियम है जो हमारी टीचर ज़िन्दगी हमे जीवन भर सिखाती रहती है,और शायद ये ज़रूरी भी है। समय की एक खास ताक़त होती है और ये ही एक ऐसा यंत्र है जिसपर आपने अगर काबू पा लिया तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हो। समय लेन देन का पक्का होता है, और अगर आप इसकी इज़्ज़त करोगे तो समय आपकी बहोत इज़्ज़त करेगा, और अगर आपने इसकी इज़्ज़त नही की तो ये इतने ज़ोर से आपको मुह के बल गिरायेगा की संभलने में काफी मुश्किल होगी। समय में ही ताक़त होती है जो आपका समय बदल सकता है, केहने का मतलब है के आप को समय गरीब से अमीर बना सकता है अगर आपने सही प्लानिंग के साथ इसका प्रयोग किया तो। समय को तो आप समझ ही गए होंगे तो आइये समझते है समय के मैनेजमेंट को और प्लानिंग को।

 

         टाइम मैनेजमेंट क्या है? आप कहोगे टाइम से सारी चीज़े हो जाए तो उसे टाइम मैनेजमेंट कहते है। लेकिन क्या इसका जवाब सिर्फ इतना ही है। मैं कहूंगा नही! ये इतना आसान नही है। टाइम को काबू कर पाना इतना आसान नही होता और इसका सबसे बड़ा दुश्मन होता है हमारा ‘आलस’। एक उदहारण से आपको समझना होगा – मानिये आपका किसी रोज़ सुबह 8 बजे का इंटरव्यू है और आपका मानना है के आप उस इंटरव्यू के लिए बेस्ट कैंडिडेट है,और शायद आप है भी, क्योंकि आपने उस इंटरव्यू के हिसाब से काफी स्टडीज कर रखी है। आप रात को सारा अभ्यास कर पूरे विश्वास के साथ सुबह 6 बजे का अलार्म लगाकर सो जाते हो, किन्तु सुबह जैसे ही  6 बजे अलार्म बजता है तो आपका आलास आपके सामने आकर खड़ा हो जाता है और वो आपसे कहता है की अभी तो इंटरव्यू के लिए 2 घंटे बाकी है तो क्यों जल्दी उठना और आप उसकी बात मानकर वापिस सो जाते हो और इसी छोटीसी नींद मे आप अपने 2 घंटे के समय से आधा घंटा बर्बाद कर देते हो। सोने के बाद 6.30 बजे उठते ही आप हड़बड़ा जाते हो और कोशिश करते हो की आप जल्दी तैयार हो जाए, लेकिन आपको हमेशा की तरह 1 घंटा ही लगता है तैयार होने में, जिस वजह से आप अपने इंटरव्यू के लिए पूर्ण अभ्यास नही कर पाते, और सिर्फ बचे आधे घंटे के में आप अपने इंटरव्यू के आफिस पहोचने की कोशिश करते हो,जिसमे आप असफल हो जाते हो और 5 मिनिट देरी से पहोचते हो। अब ये 5 मीनट फैसला करते है की आपको इंटरव्यू देना चाइये या नही और आपको इंटरव्यू देने के लिए मना कर दिया जाता है। क्या ये 5 मिनिट इतने इम्पोर्टेन्ट थे ? तो मैं कहूंगा हा! ये बहोत इम्पोर्टेन्ट थे। मैंने कहा था की वक़्त किसी के लिए नही रुकता और इसीलिए वो 5 मिनिट का फायदा किसी औऱ कैंडिडेट मिल गया जो शायद आपसे ज़्यादा काबिल भी नही था, लेकिन उसने समय की कदर की और समय ने उसकी, और आपने आलस की कदर की और बदले में आपको मिली सिर्फ नाकामयाबी। इस उदहारण में आपकी काफी गलतियां थी जैसे पहला आपने अपने समय को सही तरीके से प्लान नही किया और ना ही इसका इस्तेमाल किया। दूसरा आपने देरी से उठने के बाद समय को बराबर प्लानिंग के साथ विभाजित नही किया जिससे आपका वक़्त बच सके। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण अपने समय की इज़्ज़त नही की। ज़रा सोचिये आपकी बरसो की मेहनत सिर्फ 5 मिनिट के वजह से बर्बाद हो गयी। आप जो सफलता के काबिल थे उसे कोई और उड़ाकर ले गया क्या ये सही है? इसका जवाब आप शायद ज़्यादा अच्छा जानते है। आपको बस एक चीज़ करनी आनी चाइये और वो है सही टाइम मैनेजमेंट और सही प्लानिंग। यह एक छोटा सा उदहारण था और आप इसे अपने जीवन के कई किस्सो से जोड़ सकते है जहा आपकी देरी होने के वजह से अपने अच्छा अवसर खो दिया हो।

 

 

  प्लानिंग क्या है? प्लानिंग एक छोट सा नियम है जिसे आपको कोई भी कार्य करने के पहले बनाना पड़ता है और उसीपर कार्य कर वो कार्य पूर्ण करना पड़ता है, मानिये ये एक ब्रिज जैसा है जो आपकी सोच को आपके होने वाले कार्य से जोड़ता है। कई बार प्लानिंग फ़ेल भी हो सकती है, लेकिन इसकी एक खास बात है की ये के बार बनाई जा सकती है, क्योंकि ये आपके सोच से जन्म लेती है। एक प्लानिंग के साथ आप उसके फ़ेल होने के डर से कई और प्लान्स भी बना सकते है जैसे आपने कई बार सुना भी होगा की प्लान A काम नही आया तो प्लान B इस्तेमाल कीजिये। प्लानिंग की प्रोसेस यूनिवर्सल है ये पूरी दुनिया में की जाती है, तो यह आपका कार्य है की आप इसे सही तरीके से करे ताकि आपकी मंज़िल आपको जल्द से जल्द प्राप्त हो सके। टाइम मैनेजमेंट और प्लानिंग को समझने के बाद हम इसे कैसे इस्तेमाल कर सकते है। आइये कुछ टिप्स द्वारा सीखते और समझते है।

 

 

        हम सभी को तकलीफ होती है के हमारे पास टाइम कम होता है, और हम कम समय में ज़्यादा कार्य करना चाहते है, तो इसी समस्या से लड़ने के लिए मैंने नीचे कुछ टिप्स दिए है जो की ‘ब्रायन ट्रेसी’ की मशहूर किताब ‘मास्टर योर टाइम मास्टर योर लाइफ’ से लिए गए है जिससे आप अपना हर कार्य वक़्त पर कर सकते है और सफलता हासिल कर सकते है।

 1) दिन शुरू होने के पहले प्लान करना:

        इस टिप में आपको समझना होगा की आप दिन शुरू करने के पहले ही अपने सारे दिन का प्लान बना ले ताकि आपको पता रहे की आपको अगले सारा दिन क्या करना है। इसके लिए आप रात को सोने से पहले ही अपने मोबाइल नोट्स या डायरी में अपने अगले दिन का शेड्यूल लिख सकते है, ताकि आप उसी प्लानिंग के हिसाब से अपना अगला दिन का सारा काम आसानी से वक़्त पे कर सके और जिससे आपको सारी बाते भी याद रहे।

2) 80-20 नियम पर काम करना:

    परेटो प्रिंसीपल नाम से एक नियम है, जो कहता है की आपको 80% नतीजे आपके 20% काम से ही मिलते है, तो अगर आपको भी सफल होना है, तो आपको इस नियम के अनुसार चलना होगा। आपको कोशिश करना होगा की आप हर रोज अपने उन 20% कामो की लिस्ट बनाये जिस्से आपको 80% नतीजे हासिल हो और आप जब उन 20% कार्यो पर काम कर रहे हो तो उसपर अपनी 80% ऊर्जा और वक़्त लगाए ताकि आपको जल्द से जल्द सफलता हासिल हो और आपका समय भी बचे।

3)अपने कार्य को टाइम ब्लॉक्स में तैयार करना:

        दोस्तो आपके पास टाइम लिमिटेड है और अगर आप सारा टाइम किसी एक काम में ही दे दोगे तो शायद आपके दूसरे काम वक़्त पे नही हो पाएंगे, इसीलिए आप जब भी अपने कामो को लिस्ट बनायेगे तो उसके साथ ही हर कार्य के लिए एक टाइम ब्लॉक भी फिक्स कर दीजिये। कहने का मतलब ये है की अगर आपको दिन में 4 कार्य है और वो 4 कार्य आपके लिए महत्वपूर्ण है तो उसे आप टाइम ब्लॉक्स में डिवाइड कर दे, इससे आपको आसानी होगी। आपको जितनी मेहनत करना है करिये लेकिन अपने हर टाइम ब्लॉक को वक़्त पर खत्म करिये, इससे आप देखेगे की आप कैसे अपने हर कार्य वक़्त पर आसानी से कर पाएंगे।

4) काम से ख़ुदको थोड़ा ब्रेक देना:

          किसी काम को जादा अच्छे से करने के लिए के लिए जरूरी है के आप अपने काम से थोड़ा ब्रेक भी ले। ये ब्रेक आपके डेली और वीकली शेड्यूल में शामिल होना चाइये। अगर आप 2 घंटे काम करते है तो 15 मीनट का ब्रेक लेने में  कोई बुराई नही है, साथ ही आपको आपके वीक,मंथ और साल में भी ब्रेक लेना चाइये। इस ब्रेक को फन एक्टिविटी के रूप में एन्जॉय करना चाइये, ऐसा करने से आप अपने कार्य से कभी बोर नही होंगे और आपको आपके काम करने की ऊर्जा भी मिलती रहेगी।

5) वक़्त को पैसे की तरह खर्च करना:

        सबसे इम्पोर्टेन्ट टिप यही है के आप अपने वक़्त को पैसे की तरह खर्च करे। मानिये आपके पास 86400 रुपये है, और आपको ये पैसे खर्च करना है या फिर किसीको देना है, तो क्या आप बिना कुछ लिए ये पैसा किसी और को देदेगें। मैं जनता हु आप नही देगे, क्योंकि आप किसीको 100 रुपये भी देगे तो बदले में उससे 100 रुपये या उससे ज्यादा वैल्यू का कुछ सामान लेंगे, और ठिक उसी तरह आपको आपका वक़्त भी खर्च करना चाइये। आपके पास पूरे दिन में 86400 सेकण्ड्स होते है और अगर आप इन्हें पैसों की तरह समझेंगे और खर्च करेंगे तो मैं यकीन से कह सकता हु की आप कभी अपना समय फालतू बातो में खर्च नही करेंगे और आप अपने वक़्त का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करेंगे।

         दोस्तो ये 5 तरीके है तो बहोत आसान लेकिन यकीन से कह सकता हु की ये तरीके अपनाकर आप अपने जीवन को बदल सकते है और सफलता हासिल कर सकते है।

                                                            धन्यवाद!

अगर आपको मेरी पोस्ट पसंद आयी हो तो please शेयर कीजिये और कमेंट किजिये और फॉलो करना न भूले मैं आपको ऐसे रोचक बातो वाली पोस्ट देता रहूंगा मैं आपका दोस्त निष्कर्ष सिद्धार्थ ।

 

 

 

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